


मामला कोतवाली देवबंद, ग्राम दूधली का है अमित सैनी नाम के युवक ने CM Halpline 1076 पर दिनांक 08/06/2019 को शिकायत संख्या 91913200010351 आंगनबाड़ी कार्यकत्री अलका के द्वारा पोषाहार वितरण में भ्रष्टाचार करने की शिकायत दर्ज कराई जिसका फर्जी निस्तारण स्वयं आंगनबाड़ी कार्यकत्री अलका के द्वारा वर्तमान प्रधान कुलदीप व सरकारी अध्यापकों व अन्य लोगों के हस्ताक्षर व सरकारी मोहर का गलत इस्तेमाल करके फर्जी निस्तारण कर दिया गया ।
जिसके सम्बन्ध में अमित सैनी ने दिनांक 14/07/2019 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40013219014617 दर्ज कराई जिसकी जांच करने दिनांक 25/07/2019 को समय 11:00 बजे प्रात: प्राथमिक विद्यालय आंगनबाड़ी केंद्र पर बाल विकास परियोजना अधिकारी नाहिद परवीन आई जैसे ही उन्होंने ने अमित के ब्यान लेने चाहें वहां पर पहले से मौजूद ग्राम प्रधान कुलदीप ने शिकायत कर्ता अमित सैनी पर जानलेवा हमला कर दिया ।
जिसकी सूचना अमित ने अपने ट्विटर अकाउंट @saini_amity से दिनांक 25/07/2019 समय 12:04 दोपहर @uppolice @Myogiadityanath पर सहायता के लिए किया गया
करीब समय 12:15 दोपहर को up100 की गाड़ी PRV0981 Event नंबर P25071904505 आई एकतरफा कार्रवाई करते हुए उल्टा शिकायतकर्ता अमित सैनी को थाना देवबंद ले जाकर छोड़ दिया गया।


धारा 151/107/116 में शिकायत कर्ता अमित सैनी पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट में दर्शाया गया अशोक कुमार चौकी इंचार्ज राजूपुर प्राथमिक विद्यालय आंगनवाड़ी केंद्र ग्राम दूधली पर घटना के समय मौजूद थे उन्होंने अमित सैनी को समय 11:15 प्रात: पकड़ने का दावा किया।
अमित के चालान पर दिनांक 25/07/19 को हस्ताक्षर कराकर पूरी रात थाना देवबंद में रखा गया दिनांक 26/07/2019 को थाना देवबंद ने अमित का मेडिकल समय 09:40 प्रात: पर कराया मेडिकल रिपोर्ट को चलानी रिपोर्ट से हटा दिया गया।
दिनांक 26/07/2019 को S.D.M महोदय देवबंद के यहां से अमित जमानत करा रहा था दिनांक 26/07/2019 को इसी घटना का 27 घंटे बाद अमित सैनी व घसीटू सिंह पर छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा 0598/19 में घटना का समय 10:30 बजें दिखाते हुए लिख दिया गया।
उपरोक्त झूठे केस में अशोक कुमार चौकी इंचार्ज राजूपुर दोषी पाए गए तहसीलदार देवबंद जी के द्वारा पूरे केस की जांच लेखपाल से कराई गई उनके द्वारा दोनों केस झूठे पाए गए ।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री भ्रष्टाचार में लिप्त पाई गई उनका मानदेय भी रोक दिया गया विभागीय कार्रवाई चल रही है ।
अमित सैनी के परिवार वालों का कहना है इन झूठे मुकदमों की वजह से परिवार के सभी सदस्यों का यूपी पुलिस के द्वारा बहुत ज्यादा उत्पीड़न किया गया है इतना उत्पीड़न तो किसी गैंगस्टर का भी नहीं होता होगा जितना भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर परिवार को झेलना पड़ा।
अमित सैनी ने उक्त प्रकरण में सभी सबूतों के साथ Twitter पर Twitte कर रखा है माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली, मुख्यमंत्री कार्यालय, महानिदेशक उत्तर प्रदेश कार्यालय, से लेकर सहारनपुर के सभी आला अधिकारियों को अनेकों बार पत्र लिखकर इन झूठे केसों के विषय में अवगत कराया ।
दिनांक 08/06/2019 को शिकायत संख्या 91913200010351की छायाप्रति संलग्न 👇 👇

दिनांक 26/06/2019 स्वयं आंगनबाड़ी के द्वारा किए गए फर्जी निस्तारण की छाया प्रति 👇👇


दिनांक 14/07/2019 फर्जी निस्तारण पर शिकायत से की गई आपत्ती की छाया प्रति 👇👇



दिनांक 25/07/2019 यूपी पुलिस 112 की गाड़ी का आरटीआई में हुआ खुलासा की छाया प्रति👇👇














दिनांक 05/08/2019 माननीय प्रधानमंत्री जी के कार्यालय नई दिल्ली में दिये गए शिकायती पत्र कि छायाप्रति 👇👇

दिनांक 05/08/2019 को गृह मंत्रालय नई दिल्ली में दिये गए शिकायती प्रार्थना पत्र की छायाप्रति 👇👇

दिनांक 05/08/2019 राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली मैं दिये गए शिकायती की प्रार्थना पत्र कि छायाप्रति 👇👇


राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली में दिया गया दूसरा शिकायती प्रार्थना पत्र









2 thoughts on “”भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर RTI कार्यकर्ता पर एक ही घटना के दो झूठे केस दर्ज,,”